नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में सीबीआई के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंडारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. मनीषा को नीट-यूजी 2026 के बायोलॉजी पेपर लीक की कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. मनीषा मंडारे पुणे के शिवाजीनगर में स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स में बॉटनी की लेक्चरर हैं. कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, मनीषा पिछले पांच से छह वर्षों से एनटीए के लिए नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में योगदान दे रही थीं.
सीबीआई के मुताबिक, मनीषा को एनटीए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में बतौर एक्सपर्ट नियुक्त किया था और बॉटनी व जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक उनकी पूरी पहुंच थी. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंडारे ने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है) के जरिए कुछ नीट अभ्यर्थियों को अपने पुणे स्थित घर पर जुटाया और एक स्पेशल कोचिंग क्लास चलाई. इस क्लास में उन्होंने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के कई सवाल समझाए, उन्हें नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क करवाया.
सीबीआई का दावा है कि इनमें से अधिकांश सवाल 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे. सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देशभर में 6 ठिकानों पर छापेमारी भी की है. इस दौरान कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक छापेमारी के दौरान जब्त सामग्री की विस्तृत जांच जारी है. बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने (NTA) 3 मई, 2026 को देशभर में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था.

